Wednesday, 26 January 2022

Interesting Facts about REPUBLIC DAY

 

Republic Day is a national holiday in India, when the country marks and celebrates the date on which the Constitution of India came into effect on 26, January 1950,
Republic Day is a national holiday in India, when the country marks and celebrates the date on which the Constitution of India came into effect on 26, January 1950, Here some interesting information about Republic Day-
• The first Republic Day was celebrated three years after we got Independence on January 26, 1950.
• The Indian Constitution was drafted in 2 years 11 months and 18 day
• There are only two original handwritten copies of the Constitution in Hindi and English. These copies re kept in helium-filled cases in the Parliament.
• The first Republic Day parade took place on January 26, 1950 and the Indonesian President Dr Sukarno was the chief guest.
• The original handwritten copies of the Indian Constitution were signed by 308 members of the Assembly on January 24, 1950.
• The Constituent Assembly was headed by Dr Rajendra Prasad. Dr BR Ambedkar was made the Chairman of the Drafting Committee. Dr Ambedkar is also known as "Architect of the Constitution of India".
• India is celebrating its 73th  Republic Day on 26th January 2022.
• Dr. Rajendra Prasad was the first person to take the Oath of Presidentship. He was also the first President of India.
• The Oath was taken place at Dubar Hall of government house on January 26th, 1950.
• The first R-Day parade at Rajpath was held in 1955.
• A Christian song, Abide With Me, is played at the Republic Day Parade. It is believed to be one of Mahatma Gandhi’s favourite songs
• The Indian Constitution features 448 articles and 12 schedules.
• There will be no chief guest at Republic Day parade on Janpath this year. 


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Sunday, 23 January 2022

Netaji Subhash Chandra Bose

 

Date of Birth: January 23, 1897
Place of Birth: Cuttack, Odisha
Parents: Janakinath Bose (father) and Prabhavati Devi (mother)
Spouse: Emily Schenkl
Children: Anita Bose Pfaff
Education: Ravenshaw Collegiate School, Cuttack; Presidency College, Calcutta; University of Cambridge, England
Associations (Political Party): Indian National Congress; Forward Bloc; Indian National Army
Movements: Indian Freedom Movement
Political Ideology: Nationalism; Communism; Fascism-inclined
Religious Beliefs: Hinduism

Friday, 14 January 2022

राष्ट्रीय सेना दिवस

 हर वर्ष 15 जनवरी को पूरे उत्साह के साथ भारत में सैनिक दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत भारत के लेफ्टीनेंट जनरल के.एम. करियप्पा को सम्मान देने के लिये हुई जो भारत के पहले प्रधान सेनापति थे। कई दूसरे मिलिट्री प्रदर्शनी सहित सैनिक परेड आयोजन के द्वारा राष्ट्रीय राजधानी और सभी सैनिक नियंत्रण हेड-क्वार्टर में हर साल इसे मनाया जाता है।

भारतीय सेना की उत्पत्ति ईस्ट इंडिया कंपनी की सेनाओं से हुई थी जो कि आगे चलकर ब्रिटिश भारतीय सेनाकहलायी और अंततः स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रीय सेना बन गईं थी. भारत को लगभग 200 वर्षों तक अंग्रेजी शासन की गुलामी के बाद 15 अगस्त 1947 को आजादी प्राप्त हुई थी. जब भारत स्वतंत्र हुआ, तो देश भर में अराजकता का माहौल था चारों तरफ दंगे-फसादों तथा शरणार्थियों के आवागमन के कारण उथल-पुथल का माहौल था।

इस कारण कई प्रशासनिक समस्याएं पैदा होने लगीं और फिर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना को आगे आना पड़ा ताकि विभाजन के दौरान शांति-व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

भारत की आजादी के बाद से 14 जनवरी 1949 तक भारतीय सेना की कमान अंग्रेज कमांडर जनरल रॉय फ्रांसिस बूचर के पास थी. अर्थात भारत की आजादी के बाद तक भारतीय सेना के अध्यक्ष ब्रिटिश मूल के ही हुआ करते थे।

अगस्त 15, 1947 को मिली आजादी के बाद भारत की सम्पूर्ण सत्ता भारतीयों के हाथों में सौंपने का समय था. इसलिए 15 जनवरी 1949 को फील्ड मार्शल के. एम. करिअप्पा स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय सेना प्रमुख बने थे. चूंकि यह मौका भारतीय सेना के लिए एक बहुत ही उल्लेखनीय था इसलिए भारत में हर साल इस दिन को सेना दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया गया और तब से अब तक यह परंपरा चली आ रही है। अतः सेना की कमान भारत के हाथों में आने के कारण ही 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है.

भारतीय सेना से जुड़े रोचक तथ्य

1. भारतीय सेना को दुनिया की सबसे बड़ी स्वैच्छिक सेना माना जाता है।

2. भारतीय सेना विश्व की सबसे ऊँची रणभूमि सियाचिन ग्लेशियरको नियंत्रित करती है। जिसकी कुल ऊंचाई समुन्द्र तल से 5000 मीटर है।

3. भारत द्वारा 1970 और 1990 में परमाणु परीक्षण किया गया था इस परीक्षण के बारे में दुनिया की सबसे ताकतवर खुफिया एजेंसी सीआईए को भी पता नहीं चला था और यह सीआईए की अब तक की सबसे बड़ी असफलता रही है।

4. भारत में अन्य सरकारी संगठनों और संस्थाओं या इंडियन आर्मी में किसी भी व्यक्ति किस जाति या धर्म है वह नहीं देखा जाता। और भारत में ऐसी संस्थाओं या संगठन में किसी भी जाति के व्यक्ति के लिए समान अधिकार प्राप्त है।

5. पूरे एशिया की सबसे बड़ी अकैडमी भारत के केरल राज्य की एजिमाला नौसेना है।

6. भारतीय सेना को घुड़सवार सेना की रेजीमेंट भी मिली हुई है ऐसी रेजीमेंट दुनिया में सिर्फ तीन ही है।

7. भारतीय वायुसेना आउट स्टेशन ताजीकिस्तान मै है।

8. भारतीय सेना द्वारा भारत के सबसे ऊंचे पुल का निर्माण किया गया है यह लद्दाख वैली में द्रास और सुरू नदी के बीच बनाया गया है। इस पुल का निर्माण भारतीय सेना ने अगस्त 1983 में कर दिया था।

9. भारत और पाकिस्तान के बीच सन् 1971 में युद्ध हुआ था। और उस समय खत्म हो गया था जब पाकिस्तानी सेना ने 93000 जवानों ने इंडियन आर्मी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। दूसरे विश्व युद्ध के बाद यह सबसे बड़ा आत्मसमर्पण था जो पाकिस्तानी सेना द्वारा किया गया था।

10.अक्सर कई लोकप्रिय और महान हस्तियों को सशस्त्र बलों की मानद रैंक से सम्मानित किया जाता है सचिन तेंदुलकर को भारतीय वायु सेना द्वारा कप्तान का रैंक द्वारा सम्मानित किया गया है और महेंद्र सिंह धोनी को भारतीय सेना द्वारा लेफ्टी नेट की पद में पद से सम्मानित किया गया है।

11. सन् 1776 में कोलकाता में ईस्ट इंडिया कंपनी के सरकार के दौरान इंडियन आर्मी का गठन हुआ था।

12. भारतीय सेना के पास यूएसए और चीन के बाद विश्व का तीसरा सबसे बड़ा मिलिट्री कंटिंजेंट है।

13. हिमालय के द्रास और सुरु नदियों के बीच स्थित बेली ब्रिज विश्व का सबसे बड़ा ब्रिज है. इसे भारतीय सेना ने 1982 में बनाया था।

14. दूसरे सरकारी संगठनों की तुलना में इंडियन आर्मड फोर्सेज में जाति या धर्मो के आधार पर मिलने वाली आरक्षण की व्यवस्था नहीं है।

15. विश्व का सबसे बड़ा सिविलियन रेस्क्यू ऑपरेशन 2013 में उत्तराखंड के बाढ़ पीड़ितों को बचाने के लिए चलाया गया था।

16. प्रेसिडेंट के बॉर्डीगार्ड भारतीय सेना के सबसे पुराने सैन्य दल हैं। इसे 1773 में स्थापित किया गया था। यह अभी नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में तैनात है।

17. भारतीय सेनामिलिट्री कूप में आज तक शामिल नहीं हुई है और उसने किसी भी युद्ध में हमले की पहले शुरुआत नहीं की है।

18. दिसम्बर, 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए लोंगेवाला के युद्ध में सिर्फ 2 जवान हताहत हुए थे. इस युद्ध पर बॉलीवुड की पॉपुलर मूवी बॉर्डरभी बनी थी।

19. भारतीय सेना विश्व की सबसे बड़ी वोलेंटरी आर्मी है, भारतीय सेना के पास विश्व में सबसे ज्यादा सैनिक है।

20. भारतीय सेना जंगलों में लड़ने के मामले में दुनिया की सबसे बेहतरीन सेना है। भारत की इस अदभुत क्षमता को जानने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और रूस जैसे कई देश अक्सर यहाँ का दौरा करते रहते हैं। और भारतीय सेना के बारे में जानने की कोशिश करते है।

21.भारतीय सेना ने 2013 में ऑपरेशन राहत चलाया को था। जिसे अब तक का सबसे बडा़ बचाव मिशन कहा जाता है। यह मिशन भारतीय वायु सेना ने चलाया था। उत्तराखंड में आई भयंकर बाढ़ के दौरान इन जांबाज सैनिकों ने 20 हजार लोगों की जान बचाई थी।

Tuesday, 11 January 2022

स्वामी विवेकानन्द

पूरा नाम (Name)

नरेंद्रनाथ विश्वनाथ दत्त

जन्म (Birthday)

12 जनवरी 1863

जन्मस्थान (Birthplace)

कलकत्ता (पं. बंगाल)

पिता (Father Name)

विश्वनाथ दत्त

माता (Mother Name)

भुवनेश्वरी देवी

घरेलू नाम

नरेन्द्र और नरेन

मठवासी बनने के बाद नाम

स्वामी विवेकानंद 

भाई-बहन

9

गुरु का नाम

रामकृष्ण परमहंस

शिक्षा (Education)

1884 मे बी. ए. परीक्षा उत्तीर्ण

विवाह (Wife Name)

विवाह नहीं किया

संस्थापक

रामकृष्ण मठ, रामकृष्ण मिशन

फिलोसिफी

आधुनिक वेदांत, राज योग

साहत्यिक कार्य 

  • राज योग,
  • कर्म योग,
  • भक्ति योग,
  • मेरे गुरु,
  • अल्मोड़ा से कोलंबो तक दिए गए व्याख्यान

अन्य महत्वपूर्ण काम

  • न्यूयार्क में वेदांत सिटी की स्थापना,
  • कैलिफोर्निया में शांति आश्रम और भारत में अल्मोड़ा के पास अद्धैत आश्रमकी स्थापना।

कथन

उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाये

मृत्यु तिथि (Death)

 4 जुलाई, 1902

मृत्यु स्थान

बेलूर, पश्चिम बंगाल, भारत

100 Days of Reading 'Padhe Bharat' (Click here to Upload your Videos & Photos)

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 1 जनवरी, 2022 को 100-दिवसीय पठन अभियान शुरू किया है। 100-दिवसीय पठन अभियान, यानी पढ़े भारत अभियान, छात्रों को उनकी रचनात्मकता, महत्वपूर्ण सोच और शब्दावली को मौखिक और लिखित रूप में व्यक्त करने की क्षमता सुधारने में मददगार साबित हुआ। अभियान बालवाटिका और कक्षा 8वीं के बीच कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों पर केंद्रित होगा। 'पढ़े भारत' अभियान की शुरुआत करते हुए, मंत्री ने पढ़ने के महत्व को रेखांकित किया कि बच्चों को निरंतर और आजीवन सीखने को सुनिश्चित करने के लिए विकसित करने की आवश्यकता है।


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Monday, 10 January 2022

100 Days of Reading Campaign

 Union Education Minister Dharmendra Pradhan launched a 100-day reading campaign 'Padhe Bharat' on Saturday.

The Padhe Bharat campaign will focus on children studying in Balvatika to Grade 8. The reading campaign will be organized for 100 days, starting from 1st January 2022, and will continue till 10th April 2022. Padhe Bharat will also focus on different Indian languages, including mother tongue, local language, regional language, etc.

Hence, 100 days Reading Campaign is envisaged to support and encourage students, along with their schools, teachers, parents, and communities, in every possible way and encourage children to read for a joyful learning experience.

 Click here to listen about Reading Campaign


 

 

Download Guidelines on Reading Campaign 

 

Activities of Reading Days

To be achieved:
Developmental Goals and Learning Outcomes:
· Effective Communication
o critical and creative thinking
o ability to locate, understand and reflect on various kinds of information
· Involved Learners

Activities for Balvatika and Classes I to II

Week 1

Exposure visit to the school library

Week 2

Fruits and Flowers

Week 3

Poetry in motion

Week 4

Shared Reading

Week 5

Retell the tale

Week 6

Title Tree

Week 7

Who am I?

Week 8

Words are my claim to fame

Week 9 

Monthly theme

Week 10

Let’s cook up something

Week 11

Magic Spells

Week 12

Monthly theme

Week 13

Reading story in own language (Kahani PadhoApni Bhasa Main)

Week 14

Read and Enact

Activities for Classes III to V

Week 1

Exposure visit to the school library

Week 2

 Dress & Tell

Week 3

Bend The End

Week 4

Set The Scene

Week 5

Folklore Fun

Week 6

Literary Calendar

Week 7

Speak Up

Week 8

Prop Up

Week 9

Reading Poetry

Week 10

Meri Kahani, Meri Zubani

Week 11

Judge a Book by its Cover

Week 12

Drop Everything And Read (DEAR)

Week 13

Reading story in own language (Kahani Padho Apni Bhasa Main)

Week 14

If I Were

Activities for Classes VI to VIII

Week 1

Exposure visit to the school library

Week 2

Read and write Library books

Week 3

Reading Poetry

Week 4

Read with friends, read for fun

Week 5

Characters check

Week 6

Analyzing lyrics/ recipes

Week 7

Book recommendations

Week 8

 Read and Enact Reading

Week 9

Reading for Ek Bharat Shreshtha Bharat

Week 10

On the quest of Local Flora

Week 11

Twist

Week 12

Reading Poetry

Week 13

Hunting the papers

Week 14

Inspirations from our Leaders

 

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